Minister Action On Water Logging : अगले मानसून से पहले अधिकारियों को दिया समाधान का अल्टीमेटम
मंत्री ने सुभाष चौक से हीरो होंडा चौक तक सड़क का जायजा लिया और डीपीजी कॉलेज के पास बादशाहपुर ड्रेन क्षेत्र का निरीक्षण किया। जीएमडीए अधिकारियों ने उन्हें एसपीआर (दक्षिणी परिधीय सड़क) पर चल रहे ड्रेन निर्माण कार्य के बारे में जानकारी दी

Minister Action On Water Logging : हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने शुक्रवार को गुरुग्राम में मानसून के दौरान जलभराव से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाकों का दौरा किया।
उन्होंने अधिकारियों की एक टीम के साथ राजीव चौक, सुभाष चौक, हीरो होंडा चौक, बहरामपुर और नरसिंहपुर जैसे प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सख्त निर्देश दिए। मंत्री ने साफ कर दिया कि अगले मॉनसून से पहले शहर को इस परेशानी से पूरी तरह मुक्त किया जाए।

राजीव चौक पर निरीक्षण के दौरान राव नरबीर सिंह ने एनएचएआई अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिए कि एनएमटी (गैर-मोटर चालित परिवहन) अंडरपास की सफाई, मरम्मत और उसमें लाइट्स की व्यवस्था 24 सितंबर तक पूरी कर ली जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि वह खुद 24 सितंबर को दोबारा दौरा करेंगे और तब तक सभी काम पूरे होने चाहिए।
मंत्री ने डीटीपी आरएस बाट को इन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने और यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित थाना इंचार्ज की जिम्मेदारी तय करने को कहा कि दोबारा अतिक्रमण न हो। जीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि राजीव चौक से मेदांता की ओर जाने वाली सड़क पर 5.50 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेन निर्माण का टेंडर जारी कर दिया गया है, जिसका लक्ष्य अगले मॉनसून से पहले काम पूरा करना है।
मंत्री ने सुभाष चौक से हीरो होंडा चौक तक सड़क का जायजा लिया और डीपीजी कॉलेज के पास बादशाहपुर ड्रेन क्षेत्र का निरीक्षण किया। जीएमडीए अधिकारियों ने उन्हें एसपीआर (दक्षिणी परिधीय सड़क) पर चल रहे ड्रेन निर्माण कार्य के बारे में जानकारी दी, जिससे पूरे क्षेत्र में जलनिकासी में सुधार होगा। राव नरबीर सिंह ने ड्रेनों की नियमित सफाई पर भी जोर दिया।
बहरामपुर और नरसिंहपुर क्षेत्र में भी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंद पड़े कलवर्ट (बंद नाले) की तुरंत सफाई करवाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों—चाहे वह जीएमडीए हो, नगर निगम हो या एनएचएआई—को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के नागरिकों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभाग तय समय सीमा के भीतर अपना काम पूरा करें ताकि अगले साल मॉनसून के आने से पहले शहर पूरी तरह तैयार हो।












